दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर मंडल में रेल सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर जनजागरूकता एवं आपसी समन्वय को और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से आज एक महत्वपूर्ण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक आयोजित की गई। बैठक का आयोजन मंडल रेल प्रबंधक दीपक कुमार गुप्ता की उपस्थिति में तथा मंडल सुरक्षा आयुक्त (रेसुब) दीप चन्द्र आर्य के नेतृत्व में किया गया।
इस वर्चुअल बैठक में नागपुर मंडल के अंतर्गत रेल लाइनों के आसपास बसे गांवों, कस्बों एवं शहरी क्षेत्रों के पार्षद, ग्राम सरपंच, सभापति सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, साथ ही रेलवे सुरक्षा बल की पोस्टों एवं चौकियों के प्रभारी अधिकारी बड़ी संख्या में शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य रेल ट्रैक पर होने वाली मैन रन ओवर, कैटल रन ओवर तथा यात्री ट्रेनों पर पत्थरबाजी जैसी घटनाओं की रोकथाम के लिए जनसहयोग और सतत जागरूकता को बढ़ावा देना रहा।

बैठक के प्रारंभ में मंडल रेल प्रबंधक एवं मंडल सुरक्षा आयुक्त द्वारा सभी उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को नववर्ष 2026 की शुभकामनाएं दी गईं। साथ ही वर्ष 2025 के दौरान रेल सुरक्षा के क्षेत्र में जनप्रतिनिधियों द्वारा दिए गए सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इसी तरह के सहयोग की अपेक्षा जताई गई।
मंडल रेल प्रबंधक दीपक कुमार गुप्ता ने अपने संबोधन में मैन रन ओवर, कैटल रन ओवर एवं पत्थरबाजी जैसी घटनाओं से होने वाली मानवीय क्षति, सामाजिक प्रभाव और रेल परिचालन में बाधाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नागरिकों को रेलवे ट्रैक पर अनधिकृत प्रवेश से रोकने, बच्चों को ट्रैक से दूर रखने तथा पशुओं को रेल परिसर में प्रवेश न करने देने के लिए जागरूक करें, जिससे रेल संचालन सुरक्षित और समयबद्ध बना रहे।
जनप्रतिनिधियों ने इस अभियान में पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़ी रेल सुरक्षा संबंधी समस्याओं की जानकारी भी साझा की, जिनके समाधान का भरोसा रेलवे प्रशासन द्वारा दिया गया।
बैठक में रेलवे सुरक्षा बल की 18 पोस्ट/चौकियों से 18 अधिकारी एवं कुल 51 जनप्रतिनिधि शामिल हुए। रेलवे प्रशासन ने जानकारी दी कि अतिप्रभावित रेल सेक्शनों में प्रवेश निषेध बोर्ड, चेतावनी बैनर एवं संकेतक लगाए जा रहे हैं। वर्ष 2025 के दौरान नागपुर मंडल में कैटल रन ओवर के 486 तथा मैन रन ओवर के 294 मामले दर्ज हुए, जो गंभीर चिंता का विषय है।
मंडल सुरक्षा आयुक्त दीप चन्द्र आर्य ने रेल लाइन के किनारे स्थित गौशालाओं, तबेलों के संचालकों, पशुपालकों एवं आम नागरिकों से अपील की कि वे पशुओं को रेल लाइनों के पास न लाएं और स्वयं भी अनधिकृत रूप से रेल परिसर में प्रवेश न करें। साथ ही उन्होंने प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं सोशल मीडिया से भी इस रेल सुरक्षा अभियान के प्रचार-प्रसार में सक्रिय सहयोग का अनुरोध किया।
रेल प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जनसहयोग से ही रेल दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है। यह बैठक मानव जीवन, पशुधन की सुरक्षा एवं सुरक्षित रेल परिचालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सराहनीय पहल के रूप में देखी जा रही है।
