विकसित भारत–विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने रायगढ़ तेजी से अग्रसर 6.59 करोड़ के 96 विकास कार्यों का शिलान्यास, 1.20 करोड़ के बहुउद्देशीय कें

 

रायगढ़। जिले के प्रभारी मंत्री एवं कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि विकसित भारत–विकसित छत्तीसगढ़ की संकल्पना को साकार करने की दिशा में रायगढ़ जिला तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर हो रहा है। राज्य सरकार ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ की भावना के अनुरूप योजनाबद्ध एवं सतत विकास के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। रायगढ़ अपनी समृद्ध कला-संस्कृति और विश्वविख्यात कत्थक घराने के कारण राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान रखता है और अब यह महानगर के स्वरूप की ओर तेजी से बढ़ रहा है।

राष्ट्रीय किसान दिवस एवं छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अवसर पर नगर निगम ऑडिटोरियम रायगढ़ में आयोजित भव्य कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम एवं वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने नगर निगम क्षेत्र के विकास के लिए 6 करोड़ 59 लाख रुपये की लागत से 96 विकास कार्यों का विधिवत शिलान्यास किया। इन कार्यों के माध्यम से शहर की आधारभूत संरचनाओं को मजबूत करने के साथ नागरिक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।

ग्रामीण व जनजातीय क्षेत्रों को मिला अधोसंरचना का संबल

इस अवसर पर धरमजयगढ़ विकासखंड के ग्राम चिकलापानी-कुम्हीचुंआ तथा ग्राम बिरहोरपारा-रूवांफूल में आदिम जाति विकास विभाग अंतर्गत 1 करोड़ 20 लाख रुपये की लागत से निर्मित बहुउद्देशीय केंद्र भवनों का लोकार्पण भी किया गया। इन केंद्रों के निर्माण से ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों में सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक एवं प्रशासनिक गतिविधियों के संचालन के लिए स्थायी एवं सुदृढ़ अधोसंरचना उपलब्ध होगी, जिससे स्थानीय नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा।

आधुनिक और नागरिक-अनुकूल शहर की दिशा में कदम

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि रायगढ़ शहर में सौंदर्यीकरण, पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा, खेल, सड़क, पुल, गार्डन, ऑक्सीजोन, स्टाफ डेम जैसी बुनियादी सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। नगर निगम रायगढ़ को महानगर की तर्ज पर विकसित करने हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। आज जिन 96 विकास कार्यों का शिलान्यास किया गया है, उनके पूर्ण होने के बाद रायगढ़ का स्वरूप और अधिक आधुनिक, सुव्यवस्थित एवं नागरिक-अनुकूल होगा।

किसानों को विविध कृषि अपनाने का आह्वान

प्रभारी मंत्री ने किसानों से उन्नत एवं विविध कृषि पद्धतियों को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि केवल धान पर निर्भरता से जल संसाधनों पर अत्यधिक दबाव पड़ता है। विविध फसलों को अपनाकर किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं और जल संरक्षण में भी योगदान दे सकते हैं।

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, नगर निगम पदाधिकारियों एवं बड़ी संख्या में नागरिकों की उपस्थिति रही। सभी ने रायगढ़ के विकास को नई गति देने वाले इन कार्यों का स्वागत करते हुए राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की।

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