सुरक्षा कारणों से भारत में बांग्लादेश हाई कमीशन ने वीजा सेवाएं रोकीं, हादी हत्याकांड पर दोनों देशों के बयान आमने-सामने

भारत–बांग्लादेश संबंधों के बीच एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत में स्थित बांग्लादेश हाई कमीशन ने अपनी सभी वीजा और काउंसलर सेवाओं को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह निर्णय अगले आदेश तक लागू रहेगा। इससे पहले अगरतला स्थित बांग्लादेश कॉन्सुलेट भी वीजा सेवाओं पर रोक लगा चुका है।

इसी बीच बांग्लादेश के गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि उस्मान हादी हत्याकांड के मुख्य आरोपी के भारत में शरण लेने को लेकर कोई ठोस जानकारी उपलब्ध नहीं है। गृह मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस में आईजी रफीकुल इस्लाम ने बताया कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों को आरोपी फैसल करीम मसूद के ठिकाने की कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिली है। हालिया विरोध-प्रदर्शनों के दौरान यह आरोप लगाए गए थे कि भारत आरोपी को संरक्षण दे रहा है, जिन्हें बांग्लादेश सरकार ने अपुष्ट बताया है।

दूसरी ओर, भारत ने भी सुरक्षा हालात को देखते हुए चटगांव स्थित अपने असिस्टेंट हाई कमीशन में वीजा सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी हैं। यह कदम भारत विरोधी प्रदर्शनों के बाद उठाया गया, जिनमें चटगांव, खुलना, राजशाही और ढाका में भारतीय कार्यालयों के बाहर नारेबाजी की घटनाएं सामने आईं। चटगांव में तो भीड़ भारतीय असिस्टेंट हाई कमिश्नर के आवास के पास तक पहुंच गई और पथराव की सूचना भी मिली।

बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार एम. तौहीद हुसैन ने इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत ने मामले को जरूरत से ज्यादा हल्के रूप में पेश किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि 25–30 लोगों का समूह इतनी सुरक्षित कूटनीतिक जगह तक कैसे पहुंचा, जबकि सामान्य परिस्थितियों में ऐसा संभव नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदर्शन केवल हत्या के विरोध तक सीमित नहीं था और बांग्लादेशी मीडिया में प्रकाशित खबरें काफी हद तक तथ्यात्मक थीं।

इस घटनाक्रम के बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और सुरक्षा स्तर पर सतर्कता बढ़ा दी गई है। वीजा सेवाओं पर लगी अस्थायी रोक का असर आम यात्रियों और कारोबारियों पर पड़ सकता है, वहीं आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच संवाद और हालात पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।

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